बदनावर में व्यापारी का मोबाइल हैक कर खातों से उड़ाए पौने चार लाख रुपये : पखवाड़ेभर में दो लोगों को बनाया निशाना, बिना ओटीपी और संदेश के हुई रकम निकासी
Kailash Gupta
Sat, Jun 6, 2026
बदनावर। क्षेत्र में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले पखवाड़े के दौरान मोबाइल हैकिंग के जरिए दो अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खातों से करीब 3 लाख 74 हजार रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। खास बात यह है कि दोनों मामलों में पीड़ितों के अनुसार न तो कोई ओटीपी प्राप्त हुआ और न ही किसी प्रकार का संदिग्ध संदेश, जिससे अपराधियों के नए तरीकों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है।
पहला मामला बदनावर निवासी आशीष के साथ हुआ। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 4 जून को उनके यूपीआई से जुड़े दो बैंक खातों से महज 10 मिनट के अंतराल में कुल 1 लाख 93 हजार 332 रुपये की अनाधिकृत निकासी कर ली गई। दोपहर करीब 1ः30 बजे तक उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं थी। बाद में जब शाम को किसी अन्य व्यक्ति को भुगतान करने का प्रयास किया तो खाते में राशि कम होने का पता चला।
आशीष के अनुसार उनके बैंक ऑफ इंडिया खाते से 96 हजार 666 रुपये तथा आईडीएफसी बैंक खाते से भी 96 हजार 666 रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया और न ही किसी को अपना यूपीआई पिन, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य बैंकिंग जानकारी साझा की थी। धोखाधड़ी की जानकारी मिलते ही वे बैंक पहुंचे और खातों को फ्रीज करवाने के साथ पुलिस को सूचना दी।
इसी तरह का दूसरा मामला तरुण नामक युवक के साथ सामने आया। उनके बैंक खाते से कुल 1 लाख 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित के अनुसार 19 मई को दोपहर 2ः27 बजे 90 हजार रुपये और अगले दिन 20 मई को शाम 5ः17 बजे पुनः 90 हजार रुपये की निकासी कर ली गई। आश्चर्यजनक रूप से इन दोनों लेन-देन के दौरान उनके मोबाइल पर न तो कोई ओटीपी आया और न ही बैंक का कोई अलर्ट संदेश प्राप्त हुआ। तरुण ने बताया कि अगले दिन जब उन्होंने किसी को भुगतान करने के लिए गूगल पे और बैंकिंग एप खोलने का प्रयास किया तो गलत पासवर्ड और आईडी की सूचना मिलने लगी। इसके बाद नेट बैंकिंग के माध्यम से खाते की जांच करने पर दो बड़े ट्रांजेक्शन दिखाई दिए और तब धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। उन्होंने तत्काल बैंक पहुंचकर खाता बंद करवाया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में इसी प्रकार की कुछ अन्य घटनाएं भी क्षेत्र में सामने आई हैं, जिनमें मोबाइल हैकिंग अथवा बैंकिंग एप से छेड़छाड़ कर खातों से रकम निकाले जाने की आशंका जताई जा रही है। लगातार बढ़ रही साइबर ठगी की घटनाओं ने बैंक ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है।
दोनों मामलों में पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। अब यह जांच का विषय है कि साइबर अपराधियों ने किस तकनीक का उपयोग कर बिना ओटीपी और अलर्ट के खातों से रकम निकाली।
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