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किसानों एवं आदिवासी परिवारों के हितों की रक्षा हेतु विधायक शेखावत ने शासन को लिखा पत्र

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उर्वरक की उपलब्धता एवं भूमि अधिग्रहण के मुद्दे भी उठाए : किसानों एवं आदिवासी परिवारों के हितों की रक्षा हेतु विधायक शेखावत ने शासन को लिखा पत्र

Kailash Gupta

Mon, Jun 8, 2026
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बदनावर। कांग्रेस विधायक भंवरसिंह शेखावत ने क्षेत्र के किसानों एवं आदिवासी परिवारों से जुड़े महत्वपूर्ण जनहित के विषयों को लेकर शासन के समक्ष गंभीरता से मुद्दे उठाए हैं। विधायक शेखावत ने किसानों को खरीफ सीजन में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने तथा पी.एम. मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क हेतु प्रस्तावित अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र प्रेषित किए हैं।

विधायक शेखावत ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि बदनावर विधानसभा क्षेत्र तथा सम्पूर्ण प्रदेश मुख्यतः कृषि आधारित क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में किसान खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों में जुटे हुए हैं। ऐसे समय में किसानों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित अन्य आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में कई बार उर्वरकों की कमी के कारण किसानों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ा तथा उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसलिए शासन द्वारा अग्रिम रूप से पर्याप्त भंडारण एवं सुचारू वितरण व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सके और कृषि कार्य प्रभावित न हो।

साथ ही विधायक शेखावत ने प्रदेश के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर पी.एम. मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क से जुड़े भूमि अधिग्रहण के विषय में भी क्षेत्र की जनता की भावनाओं से अवगत कराया है। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया है कि बदनावर क्षेत्र में पी.एम. मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क हेतु पूर्व में लगभग 861 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसके कारण अनेक कृषक एवं आदिवासी परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। वर्तमान में ग्राम भेरूपाड़ा एवं चिराखान की लगभग 329.64 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की संभावनाओं को लेकर क्षेत्र में चिंता का वातावरण निर्मित हो गया है।

श्री शेखावत ने कहा कि उक्त भूमि पर वर्षों से आदिवासी एवं कृषक परिवार कृषि कार्य कर रहे हैं तथा उनका जीवन-यापन इसी भूमि पर आधारित है। ऐसे में यदि पुनः भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही की जाती है तो अनेक परिवारों के समक्ष रोजगार, आजीविका एवं भविष्य का संकट उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने शासन से आग्रह किया है कि जनभावनाओं, सामाजिक न्याय एवं आदिवासी हितों को ध्यान में रखते हुए पी.एम. मित्र पार्क हेतु वास्तव में आवश्यक भूमि के अतिरिक्त शेष भूमि को अधिग्रहण से मुक्त रखा जाए तथा वास्तविक काबिज कृषकों एवं आदिवासी परिवारों को नियमानुसार अधिकार एवं पट्टे प्रदान किए जाएं।

श्री शेखावत ने कहा कि विकास कार्यों का वे पूर्ण समर्थन करते हैं, किन्तु विकास के साथ-साथ किसानों, आदिवासियों एवं ग्रामीण परिवारों के हितों की रक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। शासन की योजनाओं का लाभ जनता को मिले, लेकिन किसी भी परिवार की आजीविका और अधिकार प्रभावित न हों, इसके लिए संतुलित एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र तथा सम्पूर्ण प्रदेश के किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना तथा आदिवासी एवं ग्रामीण परिवारों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है। विधानसभा क्षेत्र की जनता की आवाज को शासन तक पहुंचाना उनका दायित्व है और जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर वे लगातार संघर्ष करते रहेंगे।

श्री शेखावत ने शासन से दोनों विषयों पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है, जिससे किसानों, आदिवासी परिवारों एवं ग्रामीण जनता को राहत मिल सके तथा क्षेत्र में विकास एवं जनकल्याण के बीच संतुलन स्थापित हो सके। जानकारी विधायक निज सहायक आर.पी.सिंह ने दी।

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