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: बखतगढ़ में एक के बाद एक राष्ट्रीय पक्षी मोरों की मौत हो रही है

Kailash Gupta

Fri, Apr 15, 2022
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बखतगढ़ । बखतगढ़ में एक के बाद एक राष्ट्रीय पक्षी मौर की मौत होना कई सवालों को खड़ा कर रहा है। जिस तरह कोरोना वायरस से मनुष्य की मौत हो रही थी उसी तरह ग्राम बखतगढ़ में भी राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो रही है। बखतगढ़ के रहवासियों का कहना है कि इस तरह की घटना पहले कभी नहीं हुई ऐसा प्रतीत होता है कि हवा मैं किसी तरह का वायरस उत्पन्न हुआ हो और यह घटना घटित हो रही है मोरो का मरना यह एक कारण हो सकता है ग्रामीण अपने अपने तरीके से कयास लगा रहे हैं। बखतगढ़ निवासी सुभाष सोलंकी ने बताया कि पशु चिकित्सक ईश्वरलाल बखतगढ़ द्वारा इंजेक्शन लगाया गया थोड़ी देर बाद पशु चिकित्सक चले गए जवाबदार कोई भी वहां उपस्थित नहीं था मेरे निवास के पास में सरकारी स्कूल है काफी टाइम से वह भी बंद पड़ा है उसी जगह पर मोर तड़प रहा है इंजेक्शन के 3 घंटे बाद उसकी हालत और गंभीर हो गई मोर के मुंह से झाग आना शुरू हो गया। क्षेत्र के प्रभारी पशु चिकित्सक डॉक्टर जुवान सिंह भूरिया ने बताया कि हमारी टीम मौके पर पहुंच गई थी और ट्रीटमेंट भी करा दिया है अभी फिलहाल कुछ कह नहीं सकते पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट रूप से मालूम होगी। बखतगढ़ पशु चिकित्सक ईश्वर लाल ने बताया कि खेतों में तरबूज बोया होगा उस पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव होने से मोर के तरबूज खाने से जंगल में चरने से फ़ूड पाइजन जैसा अनुमानित हो रहा है। वन विभाग के अधिकारी मनीष राठौर ने बताया की अनुमानित गर्मी के प्रकोप के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती है मृत मोरों को हमने पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेज दिया है कीकिस वजह से उनकी मृत्यु हो रही है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बखतगढ़ नीलेश शर्मा भाजपा पूर्व मंडल उपाध्यक्ष बखतगढ़ अरविंद सिंह कच्छावा, पंडित श्रवण गौर ,सुभाष सोलंकी ने घायल मोर की देखभाल की उसे पानी पिलाया अपनी जेब से रुपए देकर मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन मंगवा कर इंजेक्शन लगवाया और हमारे वारा वन विभाग की टीम को सूचना दि गई थी।मगर टीम के अधिकारी कर्मचारी बहुत देर से आए जब तक मोर की मृत्यु हो चुकी थी और कुछ मोर घायल अवस्था में पड़े हुए थे।

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