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ओंकारेश्वर मंदिर प्रशासन की अनोखी पहल, रक्तदान करो और घंटों की लाइन से छुटकारा पाओ

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20 मिनट का रक्तदान करें और पाएं मुफ्त VIP दर्शन का लाभ : ओंकारेश्वर मंदिर प्रशासन की अनोखी पहल, रक्तदान करो और घंटों की लाइन से छुटकारा पाओ

Kailash Gupta

Tue, Jun 30, 2026
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पांच महीने में 2,362 श्रद्धालु रक्तदान कर चुके हैं

भोपाल। प्रदेश के खंडवा जिले में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में एक नई योजना शुरू की है जो पूरे देश में अपनी तरह की पहली है। यहां रक्तदान करने वाले श्रद्धालु और उसके साथ दो व्यक्ति को निशुल्क VIP दर्शन का मौका मिलेगा। इससे न सिर्फ भक्तों को लंबी कतार की समस्या से छुटकारा मिलेगा, बल्कि जिले में खून की कमी भी दूर कर दी।

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने इस आइडिया के बारे में बताया कि ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग पर रोजाना 20 से 30 हजार श्रद्धालु आते हैं। शनिवार, रविवार और सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या 50 हजार से भी ऊपर पहुंच जाती है। दर्शन के लिए तीन से चार घंटे की लंबी कतार लगती है। इसी समस्या के हल के रूप में रक्तदान को vip darshan से जोड़ा गया है।

20 मिनट में हल होती है घंटों की परेशानी

खंडवा कलेक्टर के मुताबिक, कोई भी श्रद्धालु महज 20 मिनट में रक्तदान करके 3 से 4 घंटे की लंबी लाइन से बच सकता है। मंदिर के पास ही 5 बेड का रक्तदान कैंप लगाया गया है। रक्तदान के बाद डोनर को एक सर्टिफिकेट मिलता है। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर उन्हें और उनके परिवार के दो सदस्यों को मंदिर (ओंकारेश्वर दर्शन) में VIP प्रवेश मिल जाता है। दर्शन के बाद प्रसाद और भगवान ओंकारेश्वर की तस्वीर भी दी जाती है।

सामान्य VIP दर्शन के लिए मंदिर में 300 रुपए की रसीद कटवानी पड़ती है। उसमें भी करीब आधे घंटे का समय लगता है। रोजाना करीब 4 हजार श्रद्धालु शुल्क देकर VIP दर्शन करते हैं।

रक्तदान योजना के तहत रोजाना करीब 50 श्रद्धालु अपने दो साथियों के साथ निशुल्क VIP दर्शन करते हैं।

पांच महीने में 2,362 रक्तदाता

योजना 24 फरवरी 2026 को ट्रायल के तौर पर शुरू हुई थी। शुरुआत में केवल मंगलवार और शनिवार को ओंकार प्रसादालय से इसे चलाया गया। अच्छे रिस्पॉन्स के बाद इसे रोज के लिए कर दिया गया। अभी यह व्यवस्था शांति निकेतन वृद्धाश्रम से संचालित हो रही है।

जिला ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अतुल माने ने बताया कि फरवरी से 27 जून तक 2,300 से ज्यादा यूनिट रक्त जमा हो चुका है। रोजाना 40 से 50 यूनिट ब्लड इकट्ठा किया जा रहा है। डॉ. माने कहते हैं, "एक ओर श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर रहे हैं। दूसरी ओर, उनका रक्त किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान बन रहा है।"

ब्लड बैंक पहले से सरप्लस में आया

खंडवा में मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद वहां हर महीने 1,200 यूनिट ब्लड की जरूरत थी। लेकिन पहले इसका सिर्फ आधा ही जुटाया जा पाता था। इस योजना ने वह कमी पूरी कर दी। अब जिला ब्लड बैंक सरप्लस स्टॉक में आ गया है। बढ़ते स्टॉक को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में अलग ब्लड बैंक बनाने की योजना पर भी काम शुरू हो गया है।

रक्तदान के बाद डोनेट की गई सभी यूनिट्स को विशेष फ्रीजर में रखा जाता है। एक-दो दिन बाद वैन से खंडवा जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक पहुंचाई जाती हैं। पूरे प्रदेश के जिला ब्लड बैंकों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना है। स्वास्थ्य विभाग की डिप्टी डायरेक्टर रूबी खान जरूरत पड़ने पर संबंधित जिले को रक्त उपलब्ध कराने के निर्देश देती हैं।

लोगों का कहना है कि यह मॉडल अब प्रदेश के दुसरे मंदिरो में भी लागू किया जाना चाहिए जिससे ब्लड की कमी को पूरा किया जा सकता है। प्रदेश के महाकाल मंदिर उज्जैन, मैहर,ओरछा और दतिया के पीताम्बरा पीठ जैसे बड़े धार्मिक स्थलों पर भी लागू किया जा सकता है।

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