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मां से प्रेम संबंध होने पर आक्रोशित बेटे ने ताऊ को मौत के घाट उतारा

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पुलिस ने घटना का किया 24 घंटे में पर्दाफाश : मां से प्रेम संबंध होने पर आक्रोशित बेटे ने ताऊ को मौत के घाट उतारा

Kailash Gupta

Mon, Jun 8, 2026
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बदनावर। कानवन थाना क्षेत्र के ग्राम खंडीयारा में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। मां और ताऊ के बीच कथित प्रेम संबंधों से नाराज युवक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर ताऊ की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते वारदात के महज 24 घंटे के भीतर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितो ने घटना करना स्वीकार कर लिया है।

थाना प्रभारी निरीक्षक रवींद्रकुमार बारिया ने बताया कि पांच जून को ग्राम दत्तीगारा से बिडवाल जाने वाले कच्चे मार्ग पर आम के पेड़ के नीचे एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त ग्राम खंडीगारा निवासी गोविंदसिंह पुत्र विजयसिंह पंवार के रूप में की। घटना संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की सहायता से जांच तेज की। जांच के दौरान संदेह को सुई मृतक के स्वजन की और घूमी। पुलिस ने जब संदिग्धों से गहन पूछताछ की तो पूरे घटनाक्रम का चौंकाने वाला पर्दाफाश हुआ।

जांच में सामने आया कि मृतक गोविंदसिंह के भतीजे 18 वाय प्रवीणसिंह उर्फ जीवन पुत्र कमलसिंह पंवार को अपनी मां और बड़े पापा गोविंदसिंह के बीच कथित प्रेम संबंधों को जानकारी थी। कुछ समय पहले प्रवीण ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस घटना के बाद से यह मानसिक रूप से आक्रोशित था और बदला लेने की योजना बना रहा था। पुलिस के अनुसार प्रवीण ने अपने मित्र 20 वर्षीय विजय पुत्र जालमसिंह बारिया को भी इस घटना की जानकारी दी और दोनों ने मिलकर गोविंदसिंह को हत्या की साजिश रची। योजना के तहत दोनों आरोपितों ने गोविंदसिंह को सुनसान स्थान पर बुलाया और वहां लकड़ी, ईंट तथा हाथ में पहनने वाले लोहे के नुकीले कड़े से ताबड़तोड़ हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाई। हमले में गोविंदसिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपित फरार हो गए थे। पुलिस ने दबिश देकर उन्हें अन्य स्थान से हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों को न्यायालय में पेश किया। इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करने में टीआइ सहित उप निरीक्षक अरुण कुमार मिश्रा, अजय वर्मा, प्रधान आरक्षक रामेद्र सिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, भगवती चौहान, गजेंद्र, कृष्णलाल, संजय शिवहरे का सहयोग रहा।

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