: ओकारेश्वर में छोटे पढ़ने लगे घाट पार्किंग घाट व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने की मांग
Kailash Gupta
Wed, Apr 27, 2022
ओकारेश्वर ( ललित दुबे ) ।ओंकारेश्वर के घाट बने मौत के घाट मध्यप्रदेश शासन करोड़ों रुपए प्रसादम योजना के तहत खर्च कर रहा है किंतु नर्मदा नदी के घाटों पर चट्टान वाले स्थानों पर सुव्यवस्थित नागर एवं अभय घाट जैसे बड़े घाट नहीं बनाने के कारण आए दिन लाखों श्रद्धालुओं को जहां स्नान में परेशानी होती है । तो वही पानी कम ज्यादा होने के कारण डूबने की घटनाएं बढ़ने लगी है चट्टानों पर स्नान करने को मजबूर नर्मदा के भक्तों एवं शिव भक्त जैसे तैसे नर्मदा में स्नान कर पुण्य लाभ ले रहे हैं वर्षों में अभी तक अनगिनत लोगों की असमय मौत हो चुकी है कई मां ओं ने अपने जिगर के टुकड़े एवं इकलौते चिराग को खोया है तो कई बेन बेटी विधवा हुई है शासन प्रशासन की लचर व्यवस्था को कोसते हुए कई श्रद्धालु नजर आते हैं ओकारेश्वर में जब से बांध बना है नर्मदा नदी में नर्मदा का जल प्रवाह रोके जाने के कारण स्थान अभाव स्नान कर लोग चोटिल हो रहे हैं अनेक बार आंदोलन किए किंतु शासन प्रशासन गंभीर नहीं है हाल ही में 10 वर्षीय नाबालिक की डूबने से मौत के बाद परिजन रोते बिलखते देखे गए प्रदेश की शिवराज सरकार प्रसादम योजना में करोड़ों रुपए लगा चुकी है किंतु घाटों एवं पार्किंग की समस्या आज भी विकराल रूप धारण किए हुए हैं प्रतिदिन 10 हजार से अधिक यात्री ओकारेश्वर पहुंचते हैं तो वहीं स्नान के दौरान लाखों श्रद्धालुओं का आगमन एक साथ होता है छोटे पढ़ने लगे अब घाट बढ़ती नाव की संख्या नर्मदा नदी में 4 गुना नाव की संख्या बढ़ी नाव के खड़े होने से घाट भी गिने-चुने स्थान के लिए नहीं बचे नगर परिषद ओंकारेश्वर नाव संचालन की व्यवस्था को सुचारू रूप से नहीं कर पाई ओकारेश्वर के जागरूक नागरिकों ने व्यवस्थाओं को गंभीरता से लेते हुए पार्किंग एवं घाटों के विस्तार के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अवगत कराया है नगर परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष नवल किशोर शर्मा ने ओकारेश्वर के छोटे घाटों एवं पार्किंग की व्यवस्था को लेकर बैठक में कई बार समस्याएं रखी शासन-प्रशासन अभी तक गंभीर नहीं हुआ ऐसे मे तीर्थ की छवि खराब हो रही है।
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