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फुटपाथ बने स्थायी सब्ज़ी बाजार, हादसों में जा रही बेकसूर लोगों की जान

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अतिक्रमण की भेंट चढ़ी धार शहर की आदर्श सड़क : फुटपाथ बने स्थायी सब्ज़ी बाजार, हादसों में जा रही बेकसूर लोगों की जान

Kailash Gupta

Sun, Jun 21, 2026
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धार हादसों का शहर है, युवक की हुई मौत? हादसे के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार! आखिर प्रशासन कब जागेगा?

धार से राकेश साहू

धार। शहर की एकमात्र आदर्श सड़क मोहन टाकीज चौराहे से त्रिमूर्ति चौराहे तक आज अस्थाई बाजार बन चुका है, यह आदर्श सड़क अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। जिस सड़क को शहर की सुंदरता, स्वच्छता और सुव्यवस्थित यातायात की पहचान माना जाता था, वह आज स्थायी सब्ज़ी मंडी और अवैध कब्जों का केंद्र बन गई है। दोनों ओर फुटपाथों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण होने से पैदल चलने वाले लोगों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और महिलाओं को अपनी जान जोखिम में डालकर फुटपाथ पर न चलते हुए सड़क पर चलना पड़ रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एक परिवार के कई सदस्यों ने वर्षों से फुटपाथों पर कब्जा जमा रखा है। इतना ही नहीं, कुछ लोगों ने कब्जाई गई जगहों को किराए पर देना भी शुरू कर दिया है। कई स्थानों पर 20 से 25 फीट तक सड़क और फुटपाथ पर अवैध अतिक्रमण कर स्थायी दुकानें संचालित की जा रही हैं।

फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए होते हैं, कब्जे के लिए नहीं

शहर के प्रमुख मार्गों पर फुटपाथ पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे, लेकिन वर्तमान में वहां सब्ज़ी, फल और अन्य अस्थायी दुकानों का स्थायी बाजार खड़ा हो चुका है। मजबूरी में लोग सड़क पर चल रहे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

अतिक्रमण के कारण वाहन चालक बीच सड़क पर वाहन खड़े कर खरीदारी करने चले जाते हैं। इससे यातायात बाधित होता है और रॉंग साइड से आने-जाने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।

युवक की हुई अकाल मौत!

आदर्श सड़क पर पोस्ट ऑफिस के सामने रोंग साइड से आने जाने में बाइक और टेम्पो वाहन की टक्कर में महेश पिता कनसिंह डोडवे 20 वर्ष, निवासी मनावर, गंभीर रूप से घायल हो गए थे और अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रॉंग साइड से आवागमन भी हादसे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण हटाया जाता और यातायात व्यवस्था सुधारी जाती, तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता हैं।

नगर पालिका की योजनाएं अधूरी, गुमटियां सड़कर नष्ट हो गई

जिला प्रशासन द्वारा इंदौर नाके स्थित राजा भोज उद्यान क्षेत्र में सब्ज़ी मंडी विकसित की गई हैं, उक्त क्षेत्र में सब्जी मंडी नहीं लगाई जाती। इसके अलावा मोदी पेट्रोल पंप के सामने फल विक्रेताओं के लिए नगर पालिका ने गुमटियां बनाकर नीलामी और पंजीयन भी किए गए थे, लेकिन इन योजनाओं को धरातल पर लागू नहीं किया गया। परिणामस्वरूप सड़क किनारे अवैध बाजार लगातार फैलता गया।

शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात सिग्नल की आवश्यकता

इंदौर नाका, त्रिमूर्ति चौराहा (पुराना सिग्नल लंबे समय से बंद) घोड़ा चौपाटी, डीपी ज्वेलर्स के सामने, जिला अस्पताल के सामने, मोहन टाकीज चौराहा इन स्थानों पर भारी यातायात दबाव रहता है और सिग्नल व्यवस्था नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

बस स्टैंड पर भी अव्यवस्था चरम पर

बस स्टैंड क्षेत्र में भी अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग की बड़ी समस्या बनी हुई है। बस संचालक सड़क किनारे बसें खड़ी कर सवारियों का इंतजार करते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

माननीय न्यायालय और प्रशासन के नियम क्या कहते हैं?

भारत के उच्चतम न्यायालय एवं विभिन्न उच्च न्यायालयों ने कई बार स्पष्ट किया है कि फुटपाथों का प्राथमिक अधिकार पैदल यात्रियों का है। सार्वजनिक सड़क और फुटपाथ पर स्थायी अतिक्रमण अवैध है। नगर निकायों और प्रशासन का दायित्व है कि वे नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करें। पुनर्वास की व्यवस्था होने पर व्यवस्थित स्थानों पर व्यवसायियों को स्थानांतरित किया जाए। सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों के जीवन की रक्षा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

प्रशासन को क्या करना चाहिए?

मोहन टाकीज चौराहे से त्रिमूर्ति चौराहे तक विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाए। फुटपाथ पूरी तरह पैदल यात्रियों के लिए मुक्त कराए जाएं।सब्ज़ी एवं फल विक्रेताओं को निर्धारित मंडियों और गुमटियों में स्थानांतरित किया जाए। प्रमुख चौराहों पर यातायात सिग्नल तत्काल लगाए जाएं।बस स्टैंड क्षेत्र में पार्किंग और बस संचालन की व्यवस्था तय की जाए। रॉंग साइड चलने वालों और अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जाए। स्वच्छता और यातायात व्यवस्था की संयुक्त निगरानी नगर पालिका और यातायात विभाग करें।

बड़ा सवाल यह है कि बेकसूर लोगों की मौतों का जिम्मेदार कौन?

जब अतिक्रमण वर्षों से मौजूद है, योजनाएं बनीं लेकिन लागू नहीं हुईं, यातायात सिग्नल बंद पड़े हैं और फुटपाथ कब्जे में हैं, तो आखिर इन हादसों की जिम्मेदारी किसकी होगी? जिला प्रशासन, नगर पालिका और यातायात विभाग को अब गंभीरता से कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा शहर की यह आदर्श सड़क लगातार हादसों और अकाल मौतों की सड़क बनती जाएगी।

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