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: शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में पिछले 10 साल में दो 21 लाख बच्चे कम हुए , निजी में भी 5 लाख कम हुए

Kailash Gupta

Mon, Mar 17, 2025
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  भोपाल। प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में पिछले 10 वर्ष में 21 लाख बच्चे तथा निजी विद्यालय में 5 लाख बच्चे कम हो गये । यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विधायक प्रताप ग्रेवाल ग्रवाल के प्रश्न के उत्तर में दी । स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2015-16 में शासकीय विद्यालय में नामांकनांक 78.96 लाख थे , जो 2024-25 में घटकर 58.17 लाख रह गए । इसी अवधि में निजी विद्यालयों में 2015-16 में 48.84 नामांकनांक

2024-25 में घटकर 43.93 लाख ही रह गए।

वर्ष 2015-16 में शासकीय और निजी विद्यालय मिलकर 127.8 बच्चे वर्ष 2024-25 में घटकर 102.10 लाख रह गए । यानी शासकीय एवं निजी विद्यालय मिलाकर कक्षा 1 से 8 में 25.7 लाख बच्चे पिछले 10 साल में कम हो गए । नामांकन्नांक में यह गिरावट कक्षा 9 से 12 में भी रही शासकीय विद्यालय में वर्ष 2020-21 में नामांकन 23.94 लाख से घटकर 2024-25 में 21.26 लाख हो गए याने 2.68 लाख की कमी हुई । इसी अवधि में निजी विद्यालयों में नामांकन 13.05 लाख से घटकर 12.85 लाख हो गए । उसमें 0.20 लाख की कमी हुई । कक्षा 9 से 12 में शासकीय और निजी विद्यालय मिलाकर पिछले पांच वर्षों में 2.88 लाख नामांकन कम हुए । प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि अपने बजट भाषण में माननीय वित्त मंत्री जी ने कहा कि प्राथमिक शिक्षा में सकल नामांकन दर 98% तथा माध्यमिक शिक्षा में 70% तथा उच्चतर माध्यमिक शिक्षा में 67% से अधिक हो चुकी है । शासकीय निजी क्षेत्र में 125000 विद्यालय कार्य कर रहे है ,तथा पीएम श्री योजना के अंतर्गत 780 विद्यालय तथा सीएम राइज योजना के तहत 275 विद्यालय में बेहतर शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ अध्ययन पाठ्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है । जबकि विद्यालय में नामांकन से यह सिद्ध हो रहा है कि प्रदेश में गुणवत्ताहीन शिक्षा के कारण विद्यार्थियों की संख्या में निरंतर चौंकाने वाली कमी हो रही है और उन पर होने वाला खर्च लगातार बढ़कर बताया जा रहा है । शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार की गंगा बह रही है । शिक्षा माफिया दोनों हाथों से लूट रहे हैं ।

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