August 16, 2022

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अतिक्रमणकारियों ने गर्मी में पशुओं के पीने के पानी के स्त्रोत (होद) तक को नहीं छोड़ा

ग्राम पंचायत झकनावदा में अतिक्रमण और भ्रष्टाचार का एक नया उदाहरण देखने को मिला

झाबुआ—झकनावदा —(निप्र)—जी हां हम बात कर रहे हैं पेटलावद तहसील के अंतर्गत आने वाली सबसे बड़ी पंचायत (उप तहसील) झकनावदा की जहां पर ठीक ग्राम पंचायत के सामने एवं गणेश मंदिर के पीछे जहां पर कभी गर्मी में पशु अपनी प्यास बुझाते थे जहां पर कभी पशुओं के पीने के लिए एक होद हुआ करता था वहां पर तत्कालीन सचिव भीम सिंह कटारा की मिलीभगत एवं अतिक्रमणकारियों की दबंग था से वहां पर पहले सुनियोजित तरीके से होद के ऊपर मिट्टी डाली गई एवं होद को पूरी तरह से भर दिया गया एवं पंचायत द्वारा वहां पर अतिक्रमण करवाया गया अब वहां पर चद्दर की घुमटिया पड़ी हुई दिखाई देगी इससे साफ प्रतीत होता है कि पंचायत अतिक्रमण को बढ़ावा दे रही है क्योंकि यह गुमटियां कभी पंचायत के ठीक सामने पड़ी थी जहां पर 7 अब नवीन अटल शॉपिंग कॉन्प्लेक्स बन गये है। जीव दया समिति के सदस्यों ने शासन से मांग की है की वहां से तत्काल अवैध गुमटियां हटाए एवं पंचायत को आदेश दें की वहां पर गर्मियों में पशुओं के पीने के लिए एक नवीन होद बनवाएं एवं उसमें टैंकर या अन्य स्त्रोत से सुचारू रूप से पानी भरवाए और जो भी राशि उसमें लगे उसकी भरपाई पंचायत उठाएं।

इस पर इनका क्या कहना है

जो वर्तमान में 7 नवीन अटल शॉपिंग कॉन्प्लेक्स ग्राम पंचायत द्वारा बनाया गये। उसमें भी अपने निजी हितों को ध्यान में रखते हुए आपस में बंदरबांट की गई है। अपात्र लोगों को ही आवंटित किया गया है। जबकि शासन की जो भी गाइडलाइन है उसके अनुसार सार्वजनिक नीलामी होना चाहिए। रही बात पशुओं के पीने के लिए पानी के हौद की वहां पर शासन को तत्काल प्रभाव से पंचायत को आदेशित करना चाहिए की जो लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है उसे हटाए एव वहां पर पशुओं के पीने के पानी के लिए फिर से एक होद बनवाएं एवं उसे प्रतिदिन पाने से भरें।

ब्लॉक युवक कांग्रेस अध्यक्ष जगपाल सिंह राठौर झकनावदा

पंचायत के सामने जो अवैध घुमटिया रखकर जो अतिक्रमण पंचायत द्वारा करवाया गया है वहां पर कभी पशुओं के पीने के पानी का होद हुआ करता था वहां पर अब अवैध अतिक्रमण हो गया है अब नगर में पशुओं के पीने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है यह एकमात्र गणेश मंदिर के पीछे स्थित होद ही एकमात्र स्त्रोत था प्यासे पशु दिन भर इधर-उधर घूमते हुए दिखाई देंगे और नाली का गंदा पानी पीने को मजबूर है शासन द्वारा समय-समय पर पशुओं के लिए पीने के लिए पानी के होद मंजूर किए जाते हैं परंतु यहां पर ऐसा कुछ भी नहीं है साथ ही सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि यहां पर भी कुछ पशुओं के लिए होद मंजूर हुए थे वह भी पंचायत द्वारा फर्जी तरीके से बिल लगाकर उसकी राशि भी आहरण कर ली गई।

महाकाल मित्र मंडल सदस्य संजय पवार झकनावदा