: महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर दिनभर रहा तनावपूर्ण माहौल
Sun, Jan 5, 2025
राजपूत समाज के दो गुटों ने अलग अलग तारीख को अनावरण की थी घोषणा
बदनावर। आज बडी चौपाटी पर महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर दिनभर रहा तनावपूर्ण माहौल रहा । प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुश्ताद। प्रशासनिक अधिकारियों ने सुझ बुझ से निकाल रास्ता। राजपूत समाज के एक गुट के लोगों की मांग पर प्रतिमा के सामने लगाए चद्दर हटा कर निचे पूजा अर्चना करवाई। समाज के दुसरे गुट की मांग पर वापस से चद्दर लगा। एक वक्त दोनों गुट के आमने-सामने हो कर नारे बाजी करने से तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। मगर पुलिस ने दोनों गुटों के लोगों को समझ कर अलग-अलग खड़ा कर स्थिति को नॉर्मल किया। भीड़ द्वारा चौपाटी पर धरना देने का प्रयास करने पर तहसीलदार द्वारा घोषणा कर भीड़ को रास्ते से हटने के लिए बोला अन्यथा आप लोगों के विरुद्ध करवाई करने की बात कही इसके बाद भीड़ मेन रोड से साइड में हो गई।महाराणा प्रताप की प्रतिमा अनावरण को लेकर राजपूत समाज अलग अलग गुट में दिखायी दिया। प्रतिमा अनावरण को लेकर दोनों गुटों ने अलग अलग तारीख का एलान किया गया था। एक गुट ने 5 तो दुसरे गुट की और से 10 तारीख को अनावरण करने का ऐलान किया गया था। रविवार को राजपूत समाज के हजारों कार्यकर्ता 12 बजे गोकुलधाम सोसायटी में पहुॅच गए। समाजजनोें ने काफी देर तक नारेबाजी भी गयी। जहां तहसीलदार सुरेश नागर व थाना प्रभारी अमितसिंह कुशवाह ने उपस्थित लोगों को समझाने का प्रयास किया गया। एक घंटे की बातचीत में प्रशासन ने हल निकाला। जिसमें प्रतिमा के आसपास लगे चद्दर हटाकर पांच कन्याओं से प्रतिमा की पूजा अर्चना करने पर सहमती हुई। नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा प्रतिमा के चारों और लगे चद्दर हटाए गयें। किंतु प्रतिमा पर लपेटा कपडा नहीं हटाया गया। ऐसी स्थिति में कन्याओं द्वारा पूजा अर्चना की गयी।महाराणा प्रताप की प्रतिमा के चद्दर हटाने की सूचना पर समाज केे दुसरे गुट के सैकड़ों लोगों शिवप्रतापसिंह के नेतृत्व में प्रतिमा स्थल पर पहॅुचें। किंतु प्रशासन ने कार्यकर्ताओं को प्रतिमा स्थल से थोड़ी दूर ही रोक दिया जिसके बाद दोनों और से नारेबाजी होने से माहौल कुछ देर के लिए तनाव पूर्ण हो गया था।महाराणा की प्रतिमा अनावरण रोकने के लिए प्रातः से ही बडी संख्या में पुलिस बल तैनात था। प्रतिमा के चारो और बेरिकेडस लगा दिए गये थे। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पुरी तरह तैयार था। तहसीलदार सुरेश नागर, एसडीओपी अरविंदसिंह तोमर, थाना प्रभारी अमितसिंह कुशवाह सहीत कई अधिकारी व पुलिस कर्मचारी मुस्तेद दिखायी दिये।
: बदनावर में देर रात तक हुआ खाटू श्याम का कीर्तन, दरबार सजाकर छप्पन भोग लगाया
Fri, Dec 27, 2024
दर्द-ए-दिल की दवा दीजिए, मुझे खाटू बुला लीजिए बदनावर में खाटू श्याम कीर्तन में भजनों पर झूमे भक्त
बदनावर। श्री श्याम विश्राम गृह समिति की ओर से गुरुवार रात अति प्राचीन बैजनाथ मंदिर के पास हेमेश्वर महादेव परिसर में बाबा खाटू श्याम का भव्य कीर्तन आयोजन किया गया। इस दौरान छप्पन भोग लगाया दरबार सजाया। पूरे पंडाल को आकर्षक रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से सजाया गया था।भक्तों ने बाबा की ज्योत में आहुतियां दीं। गायक और संगीतकारों का समिति के सदस्यों द्वारा स्वागत और सम्मान किया गया। कीर्तन की शुरुआत गणेश वंदना से हुई। भजनों का दौर रात 9 बजे से शुरू होकर अलसुबह 4 बजे तक चला। गुजरात के अहमदाबाद से आई गायिका ज्योति शर्मा ने कीर्तन की शुरुआत "आज थने आनो है" भजन से की। इसके बाद इंदौर से आए गायक पीयूष भावसार ने खाटू श्याम के भजनों से श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दर्द-ए-दिल की दवा दीजिए, मुझे खाटू बुला लीजिए
गायिका ज्योति शर्मा ने "खाटू वाले श्याम तेरी शरण में आ गयो" और "दर्द-ए-दिल की दवा दीजिए, मेरे बाबा मुझे खाटू बुला लीजिए" जैसे भजनों से श्रोताओं को झूमने पर कर दिया। कीर्तन के दौरान पूरा पंडाल बाबा श्याम के जयकारों से गूंजता रहा।भजन गायक पीयूष भावसार ने खाटू श्याम की महिमा का बखान करते हुए "बड़े-बड़े पैसे वाले भी तेरे द्वार पर आते हैं, मुझको यह मालूम कि वह भी तुमसे मांगकर खाते हैं" जैसे भजनों से पंडाल में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना दिया। कीर्तन के समापन के बाद महाआरती और महाप्रसादी का वितरण किया गया। बदनावर और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में बाबा के श्रद्धालु दरबार में पहुंचे और भजनों का आनंदलिया।
: जयेश राजपुरोहित सहायक पर्सन नियुक्त
Fri, Dec 27, 2024
बदनावर। कलेक्टर महिला एवं बाल विकास के आदेशानुसार गठित चयन समिति की अनुशंसा के बाद मानव अधिकार एक्टिविस्ट जयेश राजपुरोहित को सहायक पर्सन नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति जिला बाल संरक्षण इकाई के जिला अधिकारी सुभाष जैन ने की है।राजपुरोहित को लैंगिक अपराधों शिकार बच्चों को उनके मददगार बनकर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाने, मेडिकल करवाए जाने, पैरवी में मदद करने एवं परामर्श व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाए जाने हेतु नियुक्त किया गया है। उनका कार्यकाल 3 साल का रहेगा।मालूम हो कि राजपुरोहित लंबे समय से मानव अधिकार एक्टिविस्ट के रूप में सक्रिय हैं तथा जेल में बंद कैदियों के अधिकार, बाल अधिकार, वृद्धजनों एवं महिलाओं के अधिकार आदि के बारे में जनमानस को जागरुक कर रहे हैं। उन्होंने मानव अधिकार हनन के कई मामलों में आयोग के माध्यम से पीड़ितों को राहत एवं न्याय दिलवाया है।