: झूठी गवाही देने पर फरियादी के खिलाफ न्यायालय ने किया परिवाद दर्ज करने का आदेश
Kailash Gupta
Mon, Nov 21, 2022
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सरदारपुर । सरदारपुर के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निरंजन कुमार पांचाल ने शुक्रवार को लूट और हत्या के प्रयास के एक सत्र प्रकरण का विचारण पूर्ण कर सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया है एवं प्रकरण के आहत फरियादी मनीष पिता ओंकारलाल पाटीदार (23) निवासी ग्राम - बड़वेंली,थाना-सरदारपुर के विरुद्ध लोक सेवक को मिथ्या इत्तला दिए जाने और शपथ पर झूठी गवाही देने का आरोप लगाते हुए उसके विरुद्ध मिथ्या साक्ष्य देने संबंधी भारतीय दंड संहिता की धाराओं में परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है । राज्य की और से पैरवी अपर लोक अभियोजक वीरेंद्र शर्मा ने की ।
यह था मामला - अभियोजन के अनुसार मामला यह था कि दिनांक 23 मार्च 2017 को अभियुक्त पृथ्वीराज द्वारा थाना सरदारपुर में रिपोर्ट की दर्ज करायी गयी कि दिनांक 22. मार्च 2017 को वह , संजय पिता मोहनलाल पाटीदार , मनीष पिता औंकारलाल पाटीदार दोनों निवासी ग्राम बड़वेली पेट्रोल पंप के सामने संजय के खेत पर लहसुन की फसल देखने के लिए गये थे । वहां से वे तीनों अपनी मोटर सायकल से बड़वेली नहर के पास रात्रि पौने नौ बजे पहुंचे तभी दो - तीन अज्ञात व्यक्ति नहर के पास मिले , जिन्होंने उनका रास्ता रोका और अंधाधुंध पत्थर चलाये , जिससे मनीष को सिर में पत्थर लगा , पृथ्वीराज को चोट लगी थी । इसके बाद वे तीनों अपनी मोटर सायकल से ईलाज कराने सरदारपुर अस्पताल आये और मनीष को सिर में ज्यादा चोट होने से तत्काल ईलाज हेतु इन्दौर ले गये । आहत मनीष को भर्ती करवाने के पश्चात् उसके द्वारा थाना सरदारपुर आकर रिपोर्ट लेखबद्ध करायी थी , जिसके आधार पर पुलिस थाना सरदारपुर के द्वारा अज्ञात आरोपीगण के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी । विवेचना के दौरान दिनांक 16.05.2017 को आहत मनीष के कथन लेखबद्ध किये जाने पर विवेचक को यह ज्ञात हुआ कि उसके साथ घटना घटित करने वालों में फरियादी पृथ्वीराज पाटीदार , अरूण पाटीदार , मनीष पाटीदार , संजय पाटीदार , अजय उर्फ पप्पु भी शामिल थे । उक्त अभियुक्तगण से पूछताछ के पश्चात् फरियादी पृथ्वीराज और संजय द्वारा घटना के समय उपयोग में लाये गये सी.डी.आर के आधार पर अभियुक्त कमल , कालु राजकुमार , मोहन उर्फ मुन्ना का भी घटना में शामिल होना पाये जाने से उक्त सभी अभियुक्तगण को भी गिरफ्तार किया गया एवं विवेचना पुर्ण कर अभियुक्तगण के विरूद्ध संबंधित न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया , एक अभियुक्त के बाल अपचारी होने से उसके विरूद्ध पृथक से किशोर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया । फरियादी आहत मनीष द्वारा आरोपी गण के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए माननीय उच्च न्यायालय इंदौर के समक्ष भी एक रिट याचिका दायर की गई थी । परंतु न्यायालय में विचारण के दौरान आहत मनीष पाटीदार द्वारा अपने साथ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ही मारपीट करना बताया गया तथा आरोपी गण द्वारा उसके साथ कोई घटना नहीं किया जाना बताया गया । इस प्रकार न्यायालय के संज्ञान में यह तथ्य आया कि आहत मनीष पाटीदार द्वारा पुलिस अधीक्षक,धार को माननीय उच्च न्यायालय को अभियुक्त गण द्वारा उसके साथ मारपीट करने रुपए और मोबाइल लूटने की झूठी जानकारी दी गई थी जिसके आधार पर आरोपी गण के विरुद्ध पुलिस द्वारा दांडीक कार्यवाही करते हुए अपराधिक प्रकरण प्रस्तुत किया गया था । बाद में उसने उन्हीं तथ्यों से न्यायालय में इंकार करते हुए अभियुक्त गण द्वारा उसके साथ कोई घटना नही किया जाना बताया । अभियोजन के आवेदन पर न्यायालय ने अपने आदेश में आरोपी के विरुद्ध लोक सेवक को मिथ्या सुचना देना, न्यायालय में शपथ पर असत्य कथन करने के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धाराओ में परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है ।
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