Wed 17 Jun 2026

ब्रेकिंग

जिससे यातायात व्यवस्था परिवर्तित रहेगी

नगर में 26 आवारा कुत्ते पकड़े

महापौर एवं नपा अध्यक्ष पदों के आरक्षण के लिए अधिकारी नियुक्त

10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार

बदनावर विधानसभा क्षेत्र में 9 नए डॉक्टर हुए नियुक्त

सुचना

: यह कौन सा लोकतांत्रिक व्यवहार है आदिवासियों के साथ -पूर्व विधायक सकलेचा

Kailash Gupta

Thu, Nov 17, 2022
Post views : 127

रतलाम। लोकतांत्रिक परंपरा में जनता का नेताओं से मिलना घेराव करना सामान्य बात है ।

जनप्रतिनिधियों के घेराव के साथ असामाजिक तत्वों ने अगर पत्थर बोतल फेकी तो वह निंदनीय है । क्या यह सब जिला प्रशासन की सोची समझी साजिश नही है ।आदिवासीयो की रैली के बीच मे जन प्रतिनिधि के वाहन क्या बीना सोचे समझे लाये गये । जिला प्रशासन ने जिस तरीके से आदिवासी नेताओ को गिरफ्तार किया , उन पर एक दर्जन धाराओ मे मुकदमा दर्ज कराया , कोर्ट में सुनवाई के दौरान पूरे कोर्ट परिसर को छावनी बना दिया , क्या दर्शाता है ? क्या आतंकवादियो की सुनवाई हो रही थी ? शायद पुलिस मानती है कि आदिवासीयो को इस तरह से ही ट्रिट किया जाना चाहिये । क्या आदिवासीयो का कोई लोकतांत्रिक अधिकारी नहीं है । जिला प्रशासन एक बहुत बड़े तबके मे व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा कर रहा है , जो लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है ।  

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन