Wed 17 Jun 2026

ब्रेकिंग

जिससे यातायात व्यवस्था परिवर्तित रहेगी

नगर में 26 आवारा कुत्ते पकड़े

महापौर एवं नपा अध्यक्ष पदों के आरक्षण के लिए अधिकारी नियुक्त

10 हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी रंगे हाथ गिरफ्तार

बदनावर विधानसभा क्षेत्र में 9 नए डॉक्टर हुए नियुक्त

सुचना

: लेबड नयागांव फोरलेन पर टोल वसूली को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को जारी किया नोटिस

Kailash Gupta

Fri, Nov 25, 2022
Post views : 160
सुप्रीम कोर्ट मे शुक्रवार को देश के मुख्य न्यायाधीश माननीय चन्द्रचूड तथा न्यायाधीश माननीया हीमा कोहली की पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार को उस याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें लेबड-जावरा और जावरा-नयागाव फोरलेन पर टोल वसुली को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता तथा पूर्व विधायक पारस सकलेचा द्वारा एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड डॉ.सर्वम रितम खरे के माध्यम से दायर विशेष अनुमति याचिका में उल्लिखित है कि जावरा-नयागांव रोड पर, वर्ष 2020 तक टोल टैक्स लगभग 1461 करोड़, जो कुल परियोजना लागत की तीन गुना से भी अधिक है, वसूला जा चुका है। कुल परियोजना लागत 471 करोड़ है। इसी प्रकार लेबड-जावरा सड़क पर, जिसकी परियोजना लागत 605 करोड़ थी, अब तक टोल 1325 करोड़ यानि परियोजना लागत का लगभग ढाई गुना वसूल किया जा चुका है। ठेके की अवधि 25 साल यानी 2033 तक है , और तब तक वसूला जाने वाला टोल कई गुना अधिक होगा जो जनता पर अत्यधिक और मनमाना कराधान है। तथा इन्डियन टोल एक्ट 1851के विपरीत है । सकलेचा ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के समक्ष एक रिट याचिका दायर की थी , जिसे माननीय उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था। उस आदेश के खिलाफ, भारत के सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई । शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत द्वारा अधिवक्ताओं ओल्जो जोसेफ और डॉ. सर्वम रितम खरे की सहायता से की गई दलीलें सुनने के बाद भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश चन्द्रचूड की अध्यक्षता वाली पीठ ने नोटिस जारी किया एवम सरकार से जवाब तलब किया है। इन दो सड़कों पर टोल संग्रह की चुनौती का असर पूरे मध्य प्रदेश में टोल टैक्स कलेक्शन और टोल नीति पर पड़ेगा, जिसे ठेकेदार के बजाय जनता के अनुकूल किया जाना चाहिए ।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन