: कांग्रेस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई
Sat, Oct 2, 2021
बदनावर। आज बदनावार मंडलम कांग्रेस द्वारा जनपद पंचायत परिसर में स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बताए गए मार्गों पर चलने का संकल्प लिया । इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निरंजनपाल सिंह पवार, मनीष बोकड़िया, अभिषेक सिंह राठौड़ जमील कुरैशी, पवन जैन फुलजी बा, अतुल बाफना, राम श्रीवास्तव, कमल सिंह सिसोदिया, प्रकाश निनामा,अब्दुल खालिद मंसूरी, उमेश पाटीदार जितेन्द्र जोशी, अक्षत चोपड़ा, विनोद शर्मा, अशोक डामर, अनूप जैन, रामेश्वर चौधरी, राम डामर सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन मंडलम अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने किया व आभार आईटी सेल जिला अध्यक्ष अश्विन पाटीदार ने माना।
: सिसौदिया राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष पद पर मनोनीत
Fri, Oct 1, 2021
बदनावर। राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंह सेंगर द्वारा बदनावर के युवा गौ सेवक यशपाल सिंह सिसौदिया को वाहिनी के राष्ट्रीय संरक्षक इंद्रेश कुमार की सहमति से मध्य प्रदेश के अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया। साथ ही सिसौदिया को एक माह में संगठन का विस्तार कर राष्ट्रीय कार्यकारिणी को सूचित करना है। श्री सिसोदिया के मनोनीत होने पर इष्ट मित्रों द्वारा बधाई दी गई।
: महात्मा गांधी के नाम पर विश्व में सर्वाधिक डाक टिकट जारी हुए हैं
Fri, Oct 1, 2021
बदनावर। भारत का स्वतंत्रता आंदोलन विश्व सर्वाधिक समय चले आन्दोलनो में से एक है। इस आंदोलन को संपूर्ण विश्व एक विशेष दृष्टि से देखता है क्योंकि इस आंदोलन में बहुत कुछ खास बातें थी जिसकी विश्व कल्पना भी नहीं कर सकता कि कोई आंदोलन बगैर डंडे या चरखे के बल पर लड़ा जा सकता है। इस आंदोलन में गरम दल और नरम दल दोनों का ही समावेश था परंतु विश्व के विद्वानों की दृष्टि में यह अहिंसात्मक आंदोलन अधिक रहा जिसकी पहचान महात्मा गांधी ने विश्व को करवाई। जिसका श्रेय गांधी जी के अहिंसक आंदोलन को दिया जाता।उक्त जानकारी देते हुए डाक टिकट संग्राहक ओम पाटोदी ने बताया कि गांधी जी की इसी अहिंसक छवि की वजह से ही आज वे एक ऐसे महापुरुष के रूप में हमारे सामने है जिन पर विश्व का कोई ऐसा देश नहीं होगा जिसने अपने यहां से उनके सम्मान में डाक टिकट जारी नहीं किया हो। भारत को छोड़ दें तो भी गांधी जी पर विदेशों में जारी डाक टिकटों की संख्या 300 से भी अधिक है जो अपने आप में एक कीर्तिमान है। पाटोदी ने बताया कि भारतीय डाक विभाग द्वारा शास्त्री जी पर भी सुंदर डाक टिकट जारी किया गया है। इसके साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानीयो पर भी सैकड़ों की संख्या में डाक टिकट व सिक्के जारी किए गए हैं, परन्तु आज भी ऐसे सैंकड़ों गुमनाम चेहरे हैं जिन्होंने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई परन्तु वे आज भी हम लोग उनसे परिचित नहीं हैं। भारत की आज़ादी के इस अमृत महोत्सव वर्ष पर सरकार से यह अपेक्षा है कि वह उन्हें सम्मान देते हुए उन पर डाक टिकट सिक्के जारी करते हुए पाठ्यक्रमों में उनका परिचय दे ताकि हर भारतीय उनसे रूबरू हो सके।