: कमरतोड़ महंगाई ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ा, गरीब गैस टंकी छोड़ फिर चूल्हे की और लौटा
Kailash Gupta
Sat, Oct 2, 2021
बदनावर। बढ़ती महंगाई ने गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार कि कमरतोड़ दी है। साल भर में रसोई गैस के बढ़ते भाव से परेशान गरीब परिवार गैस टंकी छोड़कर अब वापस चूल्हे की ओर लौटा । साथ ही खाद्य तेल, दाल, शक्कर, चाय, आटा, चावल, दूध के अलावा घरेलू उपयोग की वस्तुओं के भाव में भारी बढ़ोतरी के चलते आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ा। खाद्य तेल का भाव साल भर में 90 से बढ़कर 145 रुपए प्रति लीटर हो गया है। जबकि आटे, शकर, दाल, बेसन की कीमत में भी अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। रोज उछलती कीमतों के कारण आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है और उसका दैनिक व मासिक बजट गड़बड़ा गया है। पेट्रोल, डीजल के दाम में भी कई गुना वृद्धि हुई है। जो आज 1000 रुपए सिलेंडर तक पहुंच गया है। इसके अलावा भी भावों में तेजी के साथ ही उपभोक्ता को अन्य कई तरह से भी लूटा जा रहा है। पहले सोया उत्पादक विभिन्न प्लांट से सोयाबीन तेल का 1 लीटर का पाउच 910 ग्राम का आता था। उसमे भी कटिंग करते हुए अब 905 ग्राम का ही कर दिया गया है। जिससे 5 ग्राम बचाकर सीधे आम पर इसका भार डाल दिया गया है।
मजदूरी करने वाले बबलू परमार ने
बताया कि बढ़ती महंगाई से हमारे जैसे मजदूरों का जीना हुआ मुहाल सरकार ने उज्जवला योजना के अंतर्गत टंकी तो दे दी मगर अब गैस इतनी महंगाई है कि हम टंकी नहीं भरा सकते रसोई में लगने वाले तेल दाल शक्कर के भाव बढ़ते ही जा रहे हैं।
हम्माली करने वाले गणेश सिंहाल ने कहा
हम्माली कर अपने परिवार का पालन पोषण करने वाले गणेश सिंहाल ने बताया कि गैस सिलेंडर के दाम 8 माह में लगभग 24 प्रतिशत बढ़े हैं। सिलेंडर सितंबर में 985 रुपए का हो चुका है। जिससे गरीब उपभोक्ता को प्रतिमाह सिलेंडर भरवाना मुश्किल हो गया है। यही नहीं जलाऊ लकड़ी का भाव भी दिनों दिन बढ़ता जा रहा है।
गृहिणी जसोदा पाटीदार का कहना है
कि महंगाई बढ़ने से उनके घर के बजट में लगभग 4000 रुपए की वृद्धि हुई है। जिससे घर का मासिक बजट बिगड़ गया है।
महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव सारिका बाफना का कहना है
कि सरकार ने उज्जवला योजना में गैस सिलेंडर तो बांट दिए। लेकिन गैस सिलेंडर का भाव धीरे-धीरे बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया। जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है। इसका आम आदमी की मानसिक स्थिति पर भी नकारात्मक असर पड़ा है। किंतु वह खुलकर नहीं बोल सकता है और न ही कुछ कर सकता है।
भाजपा जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुषमा पाठक ने
बताया कि महंगाई बढ़ने के साथ-साथ मजदूरी भी बढ़ी है। आम लोगों को कई तरह की सुविधाएं भी मिली है।

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