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निजी फाइनेंस कंपनियों की लूट ‌ : लघु उद्योगों से वसूल रहे चार प्रतिशत पेनल्टी

Kailash Gupta

Mon, May 25, 2026
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रतलाम। केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आदेश के विपरीत निजी फाइनेंस कंपनियां लघु उद्योगों को ऋण देने तथा प्रीमेच्योर पेमेंट करने के नाम पर चार प्रतिशत तक पेनल्टी और 18% जीएसटी वसूल रही है ‌।‌ जबकि रिजर्व बैंक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऋण देने में किसी प्रकार के अतिरिक्त चार्ज नहीं लिए जाए कोई छिपी हुई पेनल्टी नहीं चार्ज की जाए ।

लघु उद्योग भारती रतलाम के पूर्व जिला अध्यक्ष चंद्रप्रकाश अवतानी ने कहा कि केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने जहां लघु उद्योगों‌, एमएसएमई को प्रमोट करने के लिए कई तरह की राहत दी है । वहीं निजी फाइनेंस कंपनियां लघु उद्योगों से अनावश्यक वसूली कर शासन को बदनाम करने का प्रयास कर रही है‌‌ ।

अवतानी ने कहा कि‌ रिजर्व बैंक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि निजी बैंक तथा निजी फाइनेंस कंपनियां लघु उद्योग को ऋण देने में तथा प्रीमेच्योर भुगतान में किसी प्रकार की पेनल्टी तथा छिपा हुआ चार्ज वसूल नहीं कर सकती है , इसके उपरांत भी आदित्य बिरला केपिटल रतलाम में लघु उद्योगों को दिए गए ऋण को बंद करने के लिए 4% की पेनल्टी तथा 18% जीएसटी इस प्रकार 4.76% वसूल रही है ‌। जबकि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में इस प्रकार की वसूली को अनुचित बताया है ।

अवतानी के अनुसार‌‌ आदित्य बिरला कैपिटल में लोन बंद कराने की प्रक्रिया भी आसान नहीं है। फाइल को आगे बढ़ाने में बार-बार‌ महीनों की अनावश्यक देरी की जाती है जिससे ब्याज लगातार बढ़ता रहता है और लघु उद्योग की कमर टूट जाती है । स्थानीय स्तर पर समाधान की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है । तथा उच्च अधिकारियों से चर्चा के नाम पर महीनों प्रकरण को झुलाया जाता है। कंपनी के कार्यालयों में कोई जिम्मेदार अधिकारी उपलब्ध नहीं रहता और कस्टमर केयर या ईमेल के माध्यम से संपर्क करने को कहा जाता है। ईमेल पर शिकायत दर्ज होने के बाद भी कई महीनों तक समाधान नहीं मिल पाता ।

अवतानी का कहना है कि जब ब्याज में दरें बढ़ती हैं, तो कंपनी तुरंत उन्हें लागू कर देती है, लेकिन दरें घटने पर ग्राहकों को महीनों तक उसका लाभ नहीं दिया जाता । कम ब्याज दर वाली अन्य संस्थाओं में लोन ट्रांसफर करने की कोशिश करने पर फोरक्लोजर चार्ज का हवाला देकर ग्राहकों को रोका जाता हैं ।

अवतानी ने कहा कि आदित्य बिरला कैपिटल फ्लोटिंग रेट पर दिए गए लोन पर प्री-पेमेंट/फोरक्लोजर चार्ज नहीं ले‌ सकता है।‌ लघु उद्योग उधारकर्ताओं से समयपूर्व भुगतान पर दंडात्मक शुल्क नहीं वसुला जा सकता है।

अवतानी ने आदित्य बिरला कैपिटल के उच्च अधिकारियों को कहा कि उन्हें रतलाम ब्रांच की कार्रवाई पर रोक लगाना चाहिए अगर उन्होंने इस पर कोई कदम नहीं उठाया तो लघु उद्योगों द्वारा आदित्य बिरला कैपिटल के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा‌।

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