: शवयात्रा देख राहगीर पहले भावुक हुए, अर्थी पर लेटा व्यक्ति हंस रहा, अजीबो गरीब दृश्य देख गुजरने वाले सच जानकर शर्मिंदा हुए
Kailash Gupta
Sat, Jul 26, 2025
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इंद्रदेव को मनाने के लिए निकाली जीवित व्यक्ति की शवयात्रा
मंदिर आया, मुर्दा उठा, नमन किया लड्डू खाया और सो गया
मानसून की बेरुखी ने ग्रामीणों को अच्छी बारिश के टोने टोटके शुरू करने के लिए मजबूर कर दिया। शुक्रवार को हनुमान जी मंदिर से अर्थी पर जीवित व्यक्ति को सुलाया, कफन ओढ़ाया और डीजे के साथ शवयात्रा लेकर नगर भ्रमण पर निकल पड़े। अर्थी के आगे चल रहे गधे पर उलटे मुँह कर युवक को बिठाया।महिलाएं शवयात्रा के पीछे मंगल गीत गाती हुई चल रही थी। डीजे की धुन पर बज रहे बरस बरस मेरे इन्दर राजा के गीत पर युवा अर्थी को उछालते व नृत्य करते हुए चल रहे थे। बिच बिच में मुर्दे के रूप में सोया व्यक्ति भी हंस रहा था। नगर भ्रमण के दौरान आने वाले मंदिरो के सामने शवयात्रा को रोका मुर्दे ने उठकर भगवान को प्रणाम कर अच्छी बारिश की कामना की। टोटके के लिए सुलाए जीवित व्यक्ति को ग्रामीण लड्डू खिलाकर इंद्रदेव को खुश करने के जतन करते रहे।इधर गांव के कांकड़ पर इंद्रदेव की सामूहिक पूजा अर्चना कर अच्छी बारिश के साथ आगमन की याचना की। महिलाओं ने लोट लगाकर इंद्रदेव को प्रसन्न करने के प्रयास किए। सम्पूर्ण नगर में भ्रमण करते हुए शवयात्रा मुक्तिधाम पहुंची। यंहा अंतिम संस्कार की क्रिया के रूप में प्रतिकात्मक पुतले व शवयात्रा में उपयोग की गई सामग्री का दाह संस्कार कर दिया।ताने सुनने वाला गधा भी पूजा गया
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित रूढ़िवादी टोटको के माध्यम से रूठें इंद्रदेव को मनाने का जतन प्रचलित है। आमतौर पर ताने मारने के साथ हर किसी को गधा बोलते रहते है। समय आने पर गधे को बाप बनाने की कहावत चरितार्थ होती दिखी। जिन्दा व्यक्ति की शवयात्रा के आगे चलने वाले गधे को भी हास्यास्पद रूप में प्रणाम करते हुए नमन किया।Tags :
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