: मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक नहीं लेंगे वेतन-नेता प्रतिपक्ष सिंगार
Kailash Gupta
Thu, Dec 19, 2024
Post views : 155
भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा में बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने वेतन न लेने का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह फैसला लिया और सदन में इसकी जानकारी दी। उनका आरोप है कि राज्य सरकार कांग्रेस विधायक के विधानसभा क्षेत्रों में कोई विकास कार्य नहीं कर रही है, इसलिए कांग्रेस विधायकों ने यह फैसला लिया है। इस कदम का मकसद अपने क्षेत्र के विकास में योगदान देना है। साथ ही वेतन को विकास कार्यों में खर्च करने की बात भी कही गई है।
भेदभाव पूर्ण रवैया अपना रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विधानसभा में आरोप लगाया कि राज्य सरकार कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी के विधायकों को विकास के लिए 15-15 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जबकि विपक्षी विधायकों को कोई फंड नहीं दिया गया है। सिंघार ने यह भी कहा कि सरकार कहती है कि उसके पास पैसे नहीं हैं। इसलिए कांग्रेस विधायकों ने फैसला किया है कि वे अपना वेतन लौटा देंगे ताकि उस राशि का इस्तेमाल उनके क्षेत्रों के विकास के लिए किया जा सके।वेतन का उपयोग विकास में हो
सिंघार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से आग्रह किया कि कांग्रेस विधायकों की तनख्वाह का उपयोग उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम कांग्रेस द्वारा क्षेत्रीय विकास के प्रति गंभीरता को दर्शाता है और यह सरकार की नीतियों के खिलाफ एक संदेश है। सभी कांग्रेस विधायकों ने इस पर हस्ताक्षर करते हुए एक पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा हैसरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध
कांग्रेस का यह कदम प्रदेश सरकार के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन भी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार अपने विधायक और सांसदों को तो राहत दे रही है। विपक्षी विधायकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन