: बेगंदा में नंदी को गांव वालों ने घर के बेटे की तरह अंतिम यात्रा निकाल कर किया बिदा
Kailash Gupta
Sun, Mar 16, 2025
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बदनावर। बेगंदा गांव में 7 साल से रहने वाला नंदी बच्चों के साथ खेलता था बड़ो के साथ रुक कर मुक भाषा में बात करता था व उनके आदेश का पालन भी करता था बताया जा रहा है कि इस नंदी ने आज तक किसी को ना तो सिंग मारा और ना ही किसी तरह की हिंसा की
आज नंदी के गुजर जाने के बाद ग्रामीणों ने गांव में जुलूस के रूप में अंतिम यात्रा निकाली व उसको आदरपूर्वक समाधिस्थ किया। यह घटना मनुष्य व पशु के प्रेम संबंधों की अनूठी कहानी बयां करती है बता दे की पड़ोसी गांव धमाना से ठाकुर भंवर सिंह व ठाकुर उमराव सिंह ने अपने पिताजी के निधन पर उनकी स्मृति में नंदी महाराज को विवाह कर के गांव में छोड़ा गया था जैसे ही उन्हें नंदी महाराज की मृत्यु की खबर मिली वह भी अंतिम यात्रा में शामिल होने गांव बेगंदा पहुंच गए थे नंदी पिछले 7 वर्षों से बेगंदा में ही रे रहा था वह 8 से 10 दिनो से काफी बीमार हो गया था राम प्रकाश मालवीय, विजय मालवीय,भास्कर मालवीय, गोपाल मालवीय,राहुल मालवीय, राजेंद्र मालवीय, महेश गुर्जर, द्वारा नंदी का उपचार कराया गया था व देखरेख की गई थी। अंतिम यात्रा में गांव के सरपंच प्रतिनिधि पूर्व जिला पंचायत सदस्य रजनीश मालवीय, उपसरपंच प्रतिनिधि मोहन दास बेरागी व ग्रामीणों एवं छोटे बच्चों भी शामिल हुए।उक्त जानकारी निलेश मालवीय द्वारा दी गई।Tags :
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