: जीवन में कांड कभी मत करो कर्मकांड के साथ सुंदरकांड भी करो क्योंकि दुनियादारी त्याग, भक्ति, और समर्पण से चलती है झूठ धोखेबाजी छल और कपट से नहीं- संत श्री प्रभुजी नागर
Kailash Gupta
Mon, Oct 18, 2021
बदनावर। सनातनी संस्कृति के पोषक गौ भक्त परम पूज्य संत श्री प्रभुजी नागर ने आज ग्राम संदला में भागवत कथा के दुसरे दिन भारी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने पहुंचे। पांडाल में श्रद्धालु खचाखच भरे हुए थे। अपने प्रवचन में संत श्री ने कहा कि सत्य से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। जीवन में सदा सत्य ही बोलना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को मधुर वह प्रिय वाणी बोलनी चाहिए जिससे व्यक्ति की अपनी अलग पहचान बन जाए । नहीं तो बलवान से बलवान व्यक्ति भी जीवन में एक बार कमजोर जरूर होता है और बुद्धिमान से बुद्धिमान व्यक्ति भी जीवन में कोई न कोई गलती करता है ।इसलिए जीवन में हमेशा मधुर और कर्णप्रिय हो ऐसी वाणी का ही प्रयोग करना चाहिए। संत श्री ने आगे कहा कि आज के ऐश्वर्या की चर्चा तो सभी करते हैं कभी ईश्वर की भी चर्चा करा करो ऐश्वर्य तो एक वेश्या के पास भी होता है पर उसके पास कभी ईश्वर नहीं हो सकता है।जीवन में कांड कभी मत करो कर्मकांड के साथ सुंदरकांड भी करो क्योंकि दुनियादारी त्याग, भक्ति, और समर्पण से चलती है झूठ धोखेबाजी छल और कपट से नहीं इससे बचने का और ईश्वर के प्रति आस्था और विश्वास रखने का श्रद्धालुओं से अनुरोध किया बीच-बीच में बीच-बीच में संत श्री द्वारा सुंदर भजन भी सुनाए जिससे उपस्थित श्रद्धालु झूम उठे।

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