: जल संसाधन विभाग के उपयंत्री सरकारी कर्मचारी से धुलवा रहे अपने निजी वाहन
Kailash Gupta
Tue, Aug 12, 2025
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गाड़ी धोता कर्मचारी[/caption]
बदनावर। जल संसाधन उप संभाग बदनावर में कार्यरत एक चौथे दर्जे के सरकारी कर्मचारी से उपयंत्री धुलवा रहे अपने निजी वाहन।
मामले को लेकर विभागीय कर्मचारियों में नाराज़गी है और यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस तरह का कार्य कर्मचारी की जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित उपयंत्री ने कर्मचारी को आदेश देकर यह कार्य कराया। अब इस घटना की विभागीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और कार्रवाई की मांग की जा रही है। यही नहीं कई बार उपयत्री को शासकीय कार्यालय में सिगरेट पीते हुए भी देखा गया है बात यही नहीं रुकती है। कई मर्तबा उप यंत्री द्वारा अभद्र भाषा का उपयोग करने का मामला भी सामने आया है। परंतु उपयंत्री का रवैया बदलने का नाम नहीं लेता है। उपयंत्री अपने ही घमंड में रहते हैं कहते हैं मैं तुम्हें देख लूंगा जिसके चलते निचले स्तर के लोग परेशान हो कर विभाग मे शिकायत लेकर भी पहुंचते है परंतु सैलरी काटने की धमकियां देकर निचले स्तर के कर्मचारी को वापस कर दिया जाता है। उपयंत्री को अपने निजी वाहन पर एसडीओ (सब डिवीजन ऑफिसर) की नेम प्लेट लगाकर घूमने का भी शौक है। अब देखते है विभाग में बैठे आला अधिकारी उपयंत्री के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।
गाड़ी धोता कर्मचारी[/caption]
बदनावर। जल संसाधन उप संभाग बदनावर में कार्यरत एक चौथे दर्जे के सरकारी कर्मचारी से उपयंत्री धुलवा रहे अपने निजी वाहन।
मामले को लेकर विभागीय कर्मचारियों में नाराज़गी है और यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस तरह का कार्य कर्मचारी की जिम्मेदारी के अंतर्गत आता है।
सूत्रों के अनुसार, संबंधित उपयंत्री ने कर्मचारी को आदेश देकर यह कार्य कराया। अब इस घटना की विभागीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और कार्रवाई की मांग की जा रही है। यही नहीं कई बार उपयत्री को शासकीय कार्यालय में सिगरेट पीते हुए भी देखा गया है बात यही नहीं रुकती है। कई मर्तबा उप यंत्री द्वारा अभद्र भाषा का उपयोग करने का मामला भी सामने आया है। परंतु उपयंत्री का रवैया बदलने का नाम नहीं लेता है। उपयंत्री अपने ही घमंड में रहते हैं कहते हैं मैं तुम्हें देख लूंगा जिसके चलते निचले स्तर के लोग परेशान हो कर विभाग मे शिकायत लेकर भी पहुंचते है परंतु सैलरी काटने की धमकियां देकर निचले स्तर के कर्मचारी को वापस कर दिया जाता है। उपयंत्री को अपने निजी वाहन पर एसडीओ (सब डिवीजन ऑफिसर) की नेम प्लेट लगाकर घूमने का भी शौक है। अब देखते है विभाग में बैठे आला अधिकारी उपयंत्री के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।Tags :
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