: धार जिले में 209 स्कूलों के 319 कक्ष जर्जर और जोखिमपूर्ण घोषित
Kailash Gupta
Sat, Jul 26, 2025
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धार-बदनावर ( पुरुषोत्तम शर्मा )। जिलेभर में शासकीय विद्यालयों की भवन स्थिति को लेकर चिंता गहराती जा रही है। जिला शिक्षा केंद्र द्वारा कराए गए सर्वे में 209 स्कूलों के 319 कक्ष जर्जर और जोखिमपूर्ण घोषित किए गए हैं। संबंधित संकुल प्राचार्यों और विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि इन कक्षों में बच्चों को किसी भी स्थिति में न बैठाया जाए और कक्षा संचालन बंद किया जाए। इस आशय की रिपोर्ट भोपाल भी भेजी जा चुकी है।
इधर, बदनावर नगर के शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय का मुख्य भवन वर्ष 1959 में निर्मित हुआ था और आज यह अत्यंत खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। बीते वर्षों से इसकी मरम्मत की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पिछली शिक्षा सत्र में छात्राओं को अन्य कक्षों में स्थानांतरित किया गया, किंतु विद्यालय का प्रशासनिक कार्यालय अब भी इसी जर्जर भवन में संचालित हो रहा है।
लोक निर्माण विभाग दो बार इस भवन को गिराने की अनुशंसा कर चुका है। स्थिति इतनी गंभीर है कि भवन कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है, लेकिन इसके बावजूद उपयोग जारी रहना जिम्मेदारों की लापरवाही को दर्शाता है। वर्तमान में विद्यालय में 200 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनकी सुरक्षा के साथ सीधा समझौता हो रहा है।
अन्य क्षेत्रों में भी खतरनाक भवन इसी प्रकार ग्राम बामनसुता सहित आसपास के कई ग्रामीण अंचलों में भी ऐसे जर्जर विद्यालय भवन मौजूद हैं। करीब 30 स्कूल भवन 30 वर्ष से अधिक पुराने हो चुके हैं और मरम्मत की स्थिति में हैं। समय पर सुधार नहीं हुआ तो ये भी बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।
जिला शिक्षा केंद्र के परियोजना समन्वयक प्रदीप खरे ने बताया कि जहां भवन आंशिक रूप से जर्जर हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर शालाओं को पास के स्कूल में शिफ्ट किया गया है। पूरी तरह खतरनाक कक्षों में संचालन बंद करवा दिया गया है और कुछ मामलों में भवन को डिसमेंटल भी किया गया है। यदि किसी परिसर की स्थिति खराब है, तो किराए के भवन का प्रस्ताव भेजकर उसमें संचालन की अनुमति दी जा सकती है।
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