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: बदनावर में आज निकलेगी बाबा बैजनाथ की शाही सवारी अपने शाही अंदाज में

Kailash Gupta

Mon, Aug 22, 2022
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  1. बदनावर । नगर का सबसे बड़ा उत्सव बाबा बैजनाथ की शाही सवारी बिल्कुल अपने शाही अंदाज के लिए पूरे धार जिले में प्रसिद्ध हैं। बदनावर नगर के गौरवमय इतिहास और न टुटने वाली परम्परा को संजोए शाही सवारी बदनावरवासियों के लिए आनंदमय उत्साह का काम करती हैं। झिलमिलाती झाँकियाँ, मधूर सरगम से कर्णप्रिय बेण्ड, अखाड़ों में पहलवानों का दमखम, बाबा बैजनाथ की अंतिम सवारी की छटा निहारती आँखे खुशियों का खजाना होता हैं। हर बच्चे, बड़े, बुजुर्ग इस दिन के लिए हतोत्साहित रहते हैं।‌
पहले लोग गाड़ी भर भरकर गाँवों से झाँकियां निहारने पूरी रात बदनावर में रतजगा करते थे। आज भी बाहर से बहुत लोग आते हैं झाँकियां निहारने शहर की जनता के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भीड़ रहती हैं। तो आपको बताते हैं आज निकलने वाली झिलमिलाती झाँकियों के काँरवें और अखाड़ों के शस्त्र प्रदर्शन की ओर। 1) श्री बैजनाथ भक्त मंडल - बाहर से आने वाली जनता के लिए तथा उनके स्वल्पाहार की जरूरत को ध्यान में रखते हुए मंडल पिछले कुछ वर्षों से चलित पोहा ट्राली से पोहा वितरण कर रहें हैं। मंडल की पूरी कार्यकारिणी और कर्ता धर्ता हमारे प्रभु हैं। 2) महाँकाल मित्र मंडल - इस बार‌ मंडल द्वारा केदारनाथ मंदिर के दृश्य को फिल्माया गया हैं। केदारनाथ मंदिर के साथ साधु संत शिव आराधना में लीन रहेंगे। 3) सरस्वती मित्र मंडल - इस बार मंडल द्वारा यमराज जब मार्कण्डेय ऋषि के प्राण लेने आते हैं तो भगवान शिव प्रकट होकर मार्कण्डेय ऋषि की रक्षा करते हैं। सप्तऋषियों की सहायता से ब्रह्मदेव से ऋषि मार्कण्डेय ने महामृत्युंजय मंत्र की दीक्षा मिली। इस मंत्र का प्रभाव यह हुआ कि जब यमराज तय समय पर उनके प्राण हरने आए तो शिव भक्ति में लीन मार्कण्डेय ऋषि को बचाने के लिए स्वयं भगवान शिव प्रकट हो गए और उन्होंने यमराज के वार को बेअसर कर दिया। बालक मार्कण्डेय की भक्ति देखकर भगवान शिव ने उन्हें अमर होने का वरदान दिया। 4) नवयुवक मंडल - इस बार मंडल द्वारा शिव कथावाचक पंडित प्रदीप जी मिश्रा पर आधारित झाँकी बनाई हैं। झाँकी में शिव जी का जलाभिषेक करते लोग और कथा का वाचन करते पंडित मिश्रा जी को दर्शाया गया हैं। वैसे सम्पूर्ण मालवांचल अब शिव-भक्ति में लीन हो गया हैं। 5 ) बाबा अमरनाथ भक्त मंडल - इस बार मंडल द्वारा नंदलाला कन्हैया की‌ चेष्टाओं को दर्शाया गया हैं। कारागार का दृश्य, माखन खाते हुए, बांसुरी वादन करते हुए और राधा कृष्ण की रासलीला दिखायी गयी हैं। 6) पंढरीनाथ भक्त मंडल - मंडल द्वारा श्री कृष्ण और राधा के नृत्य को दर्शाया गया हैं। आकर्षक थर्माकोल डिजाइन एवं विद्युत सज्जा का प्रयोग किया गया हैं। 7) दुर्गा मित्र मंडल - मंडल द्वारा इस बार अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया जा रहा हैं। मंडल द्वारा इस बार 4 झांकियों का कारवां बनाया हैं। १) पहली झाँकी प्रभु श्रीराम- रावण युद्ध को‌‌ दर्शाया हैं। जिसमें रावण को विराट रूप में लंका द्वार के साथ दर्शाया हैं। साथ में रावण वध करते हनुमान जी,जामवंत जी और हनुमान जी को दर्शाया हैं। २) दुसरी झाँकी में बाबा श्याम के दरबार को दर्शाया हैं। हारे का सहारा, खाटु श्याम हमारा थीम पर आधारित झाँकी हैं। ३) तीसरी झाँकी में सजीव नृत्य पर आधारित झाँकी हैं। जिसमें शिव भक्ति और राधा कृष्ण के नृत्य को दर्शाया गया हैं। पुराने समय में इसी तरह सजीव पात्रों पर आधारित झाँकियां निकाली जाती थीं। 4) चौथी झांकी में मंडल के दिवंगत कार्यकर्ताओं को दर्शाया जाएगा। इस मंडल की नींव रखने वाले कार्यकर्ताओं की याद में यह झाँकी आधारित हैं। अंत में संगम बेण्ड की सबसे बड़ी टीम और कर्णप्रिय वादन ध्वनि के साथ संगीत की ताल पर बाबा बैजनाथ का सुसज्जित शाही ठाठ का रथ रहेगा। झाँकियों के साथ हीं  अपनी शस्त्र कला को प्रदर्शन करते अखाड़े श्री गणेश व्यायामशाला, धर्मराज बजरंग व्यायामशाला, एकलव्य अखाड़ा, चमत्कारी कंठी वाले हनुमान अखाड़ा के पहलवानों द्वारा हैरतअंगेज करने वाले करतब दिखाए जाएगा।

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