: बच्चों के प्रथम गुरु माता-पिता होते हैं लेकिन इनकी शिक्षा के बीज आंगनवाड़ी से ही अंकुरित होते हैं
Kailash Gupta
Tue, May 10, 2022
खिलेडी। वैसे तो बच्चों के प्रथम गुरु माता-पिता होते हैं लेकिन इनकी शिक्षा के बीज आंगनवाड़ी से ही अंकुरित होते हैं। जो आगे चलकर वृक्ष बनते हैं, शिक्षा समाज में महत्वपूर्ण अंग है। अपने जीवन की शैक्षणिक शुरुआत अच्छी होती है तो अंत भी अच्छा ही होता है।उक्त बातें मंगलवार को आँगनवाडी क्रमांक 3 खिलेडी में बच्चों को ड्रेस एवं अन्य सामग्री वितरण अवसर पर दसई पुलिस चौकी के एएसआई डी पी वैष्णव ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कही। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर दिप प्रज्ज्वलन व माल्यार्पण के साथ कि गई।अध्यक्षता महिला बाल विकास विभाग की कडोदकलां सेक्टर की सुपरवाइजर मनीषा ओसारी ने की। विशेष अतिथि के रूप में तहसील पत्रकार संघ के अध्यक्ष गोवर्धन सिंह डोडिया ने कहा कि विद्या मंदिर के नर्सरी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के लिए दोहरी भूमिका में रहती है प्रतिदिन मां जैसा स्नेह देकर शिक्षा के संसार में प्रवेश करवाती है। बच्चों में प्रारंभिक संस्कार व शिक्षा से ही यह नौनिहाल अपना भविष्य संवारते हैं।उक्त आंगनवाड़ी पत्रकार जगदीश चौधरी एवं धर्मेंद्र मोरे ने शासन की योजनानुसार गौद ले रखी है। आंगनवाडी के पालक की भूमिका का निर्वाह करते हुए क्रमांक 3 के लगभग 25 बच्चों को ड्रेस, दीवाल घड़ी, पानी की टंकी, पंखा आदि सामग्री अतिथियों के हाथों वितरित की। ए एस आई वैष्णव व सुपरवाइजर ओसारी का शाल श्रीफल भेंटकर जगदीश चौधरी ने सम्मान किया। उपस्थित सभी को स्वल्पाहार कराया। इस अवसर पर गणमान्य जन,मनीष पाटीदार, पंकज प्रजापत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता डाली चौहान, निर्मला मोरे सहायिका माया चौहान एवं अन्य महिलाएं एवं गणमान्य जन उपस्थित थे ।बाद में महिला बाल विकास विभाग की योजना अनुसार बच्चों को अन्नप्राशन भी करवाया गया। आभार जगदीश चौधरी ने माना।
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