: पातालेश्वर महादेव मंदिर में चल रही संगीतमय शिव महापुराण आज भगवान को छपन भोग भी लगाया
Kailash Gupta
Fri, Apr 15, 2022
बदनावर। पातालेश्वर महादेव मंदिर में चल रही संगितमय शिव महापुराण के पंचम दिवस में पंडित मयंक शर्मा ने माता पार्वती जी की शिव जी के साथ विदाई में गृहस्थ आश्रम का ज्ञान, पतिवृत धर्म की मर्यादा का वर्णन किया। कुमार कार्तिकेय व श्री गणेश का जन्म की कथा सुनाई।मनुष्य के जीवन का संचालन बुद्धि से होता है। बुद्धि , विवेक के स्वामी गणेश है। शिव कल्याण का स्वरूप है। श्री हरि विष्णु पालन कर्ता है। माता दुर्गा श्रद्धा की देवी है। सूर्य नारायण तेज प्रदान करने वाले हैं। तुलसी महात्म का वर्णन किया गया श्री गणेश जी ने माता पिता की परिक्रमा लगाकर माता पिता की सेवा का आदर्श स्थापित किया है। भगवान शंकर ने रूद्र रूप लेकर कई दैत्य ,जलधंर, शंखचूड़ का संहार किया पांच प्रकार की महाशक्ति गंगा, गौमाता, तुलसी, गीता, गौरी मनुष्य के घर में विद्यमान होना चाहिए । भगवान श्री गणेश हर घर के द्वारपाल है जो कि मनुष्य की हर तरह से रक्षा करते हैं। शिव महापुराण की कथा लोक से परलोक को जोड़ने वाली कथा है। शिव जी की भक्ति योग व साधना को सिद्ध करती है। मानव जीवन में व कलयुग में शिव पूजा ही आत्म ज्ञान व धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष को देने वाली है। आज के यजमान श्रीमती रिंकी संजय अग्रवाल द्वारा पातालेश्वुर मंदिर पर अभिषेक व पूजन किया गया। आज छपन भोग भी भगवान को अर्पण किये गये छपन भोग के लिए महिलाए अपने घर से अलग –अलग पकवान बनाकर लाई। ब्राम्हण समाज की महिला मंडल द्वारा गुरूजी का सम्माहन किया गया।

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