: नागदा का अचल 4 दिसंबर को करेगा वैराग्य धारण
Kailash Gupta
Mon, Sep 5, 2022
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बदनावर। नागदा के हार्डवेयर के कारोबारी मुकेश श्रीमाल का 16 वर्षीय बेटा अचल 4 दिसंबर से जैन मुनि बन जाएगा घर का इकलौता लाडला दादा-दादी व पापा मम्मी का कुल का इकलौता चिराग जिसकी हर ख्वाहिश एक जीद पर एक पल में पूरी होती थी बाइक से लेकर घूमने फिरने खेलकूद मोबाइल के शौकीन अचल ने संयम और त्याग की राह पर चलने का प्रण लिया है अचल महू नीमच फोरलेन नागदा पर सर्विस रोड पर रहता है उसने 9वी क्लास तक पढ़ाई की है वह क्लास में फर्स्ट आया था छुट्टियों में मुनियो के संग विहार करने लगा फिर पढ़ाई छोड़ दी। अब तक आष्टा भोपाल साजापुर सुजालपुर आदि नगरों सहीत1000 से 1200किलोमिटर तक विहार कीया हमने अचल से पुछा की आप के परिवार मे कोई भी पहले दीक्षा नी ली आप केसे तो अचल ने बताया की दो वर्ष पहले 2020मे नागदा मे वर्षावास हुआ तभी से मेरे मन मे संयम की राह पर चलने का विचार कर लीया था जबसे मेने गुरूदेव के साथ विहार कर लीया जिसमे मेने जो क्रीया होती है नाहाना धोना नही जंगल मे शोचकरने जाना बिना पंखे मे रहना पेदल चलना आदि क्रीया मे डेढ वर्ष से कर रहा हु इसलिए मुझे स्विकृती मीय गई।
पापा मुकेश श्री माल व मम्मी रानी श्री माल से पुछा की आपने अपने एकेले चीराग को संयम मार्ग के लिए रोका नही तो कहा की इस संसार मे कुछ नही है केवल दिखावा है कीतना भी रूपया धन संपती जमीन जायदाद हो जाए फीर भी शांति नही आपस मे राग द्वेष हे एक दुसरे के प्रति कसाई भरी हुई जिदंगी है इसलिए हमने नही रोका हम सोभाग्य शाली माता पीता है वही दादा प्रेमचन्द जी व दादी भागवंता बाई से पुछा की अभी तो अचल की उम्र खेलने कुदने की है तो कहा की जितनी भी खुशीया है वो स्थाई नही है सिर्फ साधा जीवन जीने से ही सुख शांति ओर मोक्ष मीलता है दादी के अनुसार हमारा परीवार शुरू से धर्म का पालन कर क्रीया का पालन करता आ रहा है सब कुछ होते हुए भी इंसान झुठ ही बोलता है तो फिर सकुन कहा सभी सुविधाए सब कुछ नही नागदा मे अब तक 17 दीक्षा हो चुकी है जो सन 1980मे नागदा की बेटी पूज्य मधु म सा की दीक्षा हुई थी उसके बाद अब सबसे कम उम्र की पहली दीक्षा का लाभ अंचल की होगी जीसका लाभ नागदा श्री संघ को मीला है जिससे परिवार समाज जन व गांव मे खुशी का माहोल है अचल के परिवार मे यह पहली दीक्षा है।
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