: ग्राम पंचायत झकनावदा में तत्कालीन सचिव भीमसिंह कटारा ने अपने 6 वर्ष के कार्यकाल में लाखों रुपए का किया भ्रष्टाचार
Kailash Gupta
Sun, May 1, 2022
मनरेगा के तहत विकास कार्यों में फर्जी मस्टरोल भरकर फर्जी बिल लगाकर तत्कालीन सचिव भीम सिंह कटारा द्वारा किया गया भ्रष्टाचार
पेटलावद---(निप्र)---झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील इन दिनों शासन की जन हितेषी योजनाओं में भ्रष्टाचार के नये नये आयाम गढ़ रही है। ना कोई सुनने वाला है और ना कोई देखने वाला तभी तो "अपना काम बनता भाड़ में जाए जनता"की तर्ज पर झाबुआ जिले के अंतर्गत आने वाली उप तहसील एवं सबसे बड़ी ग्राम पंचायत झकनावदा में सुदूर सड़क निर्माण योजना में तत्कालीन सचिव भीम सिंह कटारा द्वारा गुणवत्ता विहीन सड़क का निर्माण किया गया जो कि श्मशान घाट से लेकर गल बाबजी तक बनना थी जिसमें पैदल चलना भी दुर्लभ हुआ बरसात में तो स्थिति और भी खराब हो जाती है,न रोड पर रोलर घुमाया गया, न रोड को चौड़ा किया गया ऐसा कुछ भी सुदूर सड़क जैसा निर्माण हुआ ही नहीं रोड पर कुछ दूरी पर नदी का बंडा डाल दिया गया एवं केवल और केवल कागज पर ही रोड को बना दिया गया एवं धरातल पर कुछ भी काम नहीं हुआ!कुल13 लाख ₹19हजार की शासकीय राशि का दुरुपयोग कर राशि आहरण कर ली गई जबकि सुदूर सड़क निर्माण योजना शासन की अनेक जन हितेषी योजनाओं में से एक हैं जोकि ग्रामीणों की सुविधाओं को देखते हुए एक गांव से दूसरे गांव को जोड़ने के लिए 1 किलोमीटर तक ग्रामीणों के आवागमन को सुगम और सरल बनाने के उद्देश्य से सुदूर सड़क निर्माण योजना की शुरुआत हुई ऐसे भ्रष्ट सचिव अगर भ्रष्टाचार करके केवल कागजों पर ही सरकार की जन हितेषी योजनाओं को पलीता लगाकर सड़क को कागजों पर बनाकर फर्जी बिल लगाकर मस्टरोल भरकर शासकीय राशि का दुरुपयोग करके राशि आहरण कर ले तो फिर हो गया गांव का विकास और साथ ही प्रदेश का विकास जबकि प्रदेश के मुखिया का एक ही नारा है "सबका साथ सबका विकास" और यह महाशय खुद का विकास करने में लगे हैं! हो सकता है की तत्कालीन सचिव द्वारा आज भी लगातार दूसरी पंचायत में भी इसी प्रकार भ्रष्टाचार करके फर्जी बिल लगाकर स्वयं के विकास के नए नए आयाम लिखे जा रहे हो? ऐसे भ्रष्ट सचिव पर तो भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई होना चाहिए ताकि दूसरी ग्राम पंचायत के सचिव भी भ्रष्टाचार करने के पहले सौ बार सोचे! हो सकता है इस प्रकार की कार्रवाई से दूसरे सचिव भी सीख ले और सरकार की अनेक जन हितेषी योजनाओं को सही तरीके से ग्रामीणों को बताएं एवं उसका लाभ हर ग्रामीणों को देवे
तत्कालीन सचिव भीम सिंह कटारा ने स्वयं के विकास के नए-नए आयाम गड़े
झकनावदा ग्राम पंचायत में अपने 6 वर्ष के कार्यकाल में महज ₹25000 रुपए महीने की तनख्वाह लेते हुए काम बखतपुरा स्थित अपने खेत पर कपिलधारा कूप योजना में कूप का निर्माण किया गया एवं बिल ग्राम पंचायत झकनावदा में लगाया गये एवं साथ ही सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि अपने गृह निवास खिनदाखोर मैं विशाल वीआईपी सुविधा युक्त बंगला बनवाया एवं इनके पास बहुत से लोगों की गिरवी रखी हुई जमीन भी इनके नाम पर उनकी पत्नी के नाम पर है साथ ही पेटलावद में एक बंगला है एवं अभी-अभी एक महिंद्रा की टीयूवी --300 कार भी इन्होंने खरीदी है एवं ट्रैक्टर भी इनके के पास है महज 25000 की नौकरी करने वाला व्यक्ति इतने कम समय में करोड़ों की संपत्ति अगर अर्जित कर ले तो फिर आप खुद समझदार हो की यह महाशय तो आय से अधिक आगे निकल गए! व्यक्ति 2 तरह से ही दुनिया में आगे बढ़ सकता है या तो वह दो नंबर के काम करेगा या व्यापार एवं प्रोफेशनल सर्विस मैं होगा? खैर यह एक जांच का विषय है! इनके द्वारा किए गए भारत सरकार की एवं राज्य सरकार की अनेक जन हितैषी योजनाओं में भ्रष्टाचार की पोल खोलती एक खबर के साथ--------फिर मिलेंगे
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