: भारतमाता मंदिर,शहीद गैलरी संस्था द्वारा सर्वपितृ अमावस्या पर सामूहिक महातर्पण का आयोजन
Mon, Oct 4, 2021
बदनावर। भारतमाता मंदिर शहीद गैलरी संस्था द्वारा सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर ज्ञात अज्ञात अमर शहीदों क्रांतिकारियों देशभक्तों, महापुरुषों, राष्ट्रीय चेतना का अलख जगाने वाले कलमकारो एवं देश भर में कोरोना काल में दिवंगत पुण्य आत्माओं की आत्मशांति हेतु सामूहिक महातर्पण का कार्यक्रम दिनांक 6 अक्टूबर बुधवार को सुबह 9 बजे नागेश्वर धाम बदनावर पर किया जाएगा। शहिद गैलरी के संस्थापक शेखर यादव ने बताया कि आयोजन का यह 18वां वर्ष है महातर्पण में नगर के सभी राष्ट्रभक्त लोगो शामिल होते हैं l
: सोलापुर की चार हुतात्माओं पर डाक विभाग ने किया डाक टिकट जारी
Mon, Oct 4, 2021
बदनावर। भारतीय डाक विभाग द्वारा गांधी व शास्त्री जी की जयंती एवं आजादी के अमृत महोत्सव के पावन अवसर पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के चार सितारों पर एक विशेष डाक टिकट जारी किया यह टिकट 5 रूपए मूल्य वर्ग का होकर इस पर सोलापुर के चार अमर हुतात्मा (शहीदों) के चित्र प्रकाशित किया गया है। जिन्हें सम्पूर्ण देश हुतात्मा के नाम से जानता है। हुतात्मा से आशय वे महान विभूति जिन्होंने किसी नेक काम करने के लिए अपने जीवन की आहुति देने का साहस पूर्ण कार्य किया हो।उक्त जानकारी देते हुए डाक टिकट संग्राहक ओम पाटोदी ने बताया कि सोलापुर के इतिहास में जिन चार शहीदों के नाम दर्ज हैं, वे बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं, उनके नाम मलप्पा धनशेट्टी, किसन सारदा, जगन्नाथ शिंदे और कुर्बान हुसैन हैं। उनकी याद में सोलापुर शहर में हुतात्मा चौक है और यहां का संगीत उद्यान प्रसिद्ध है। सोलापुर में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कुछ महत्वपूर्ण लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में उस समय युवा टीम ने जुलूस निकाला। जगन्नाथ शिंदे ने इसमें भाग लिया था। भीड़ में से कुछ लोग शिंडी के पेड़ काटने के लिए रूपभवानी मंदिर क्षेत्र में गए थे। जगन्नाथ शिंदे को सरकार ने गिरफ्तार कर लिया और चार अन्य शहीदों पर 12 जनवरी, 1931 को पुणे की यरवदा जेल में मुकदमा चलाया गया और उन्हें फांसी दे दी गई।
: स्वदेशी को अपनाकर ही देश बनेगा आत्म निर्भर-श्री चौहान
Sun, Oct 3, 2021
बदनावर । भारत पूर्व में सोने की चिड़िया था इसका कारण यहां के गांव का आत्मनिर्भर होना था उस समय भारत दुनिया का 33% निर्यात करता था जितना आज चीन अमेरिका और जापान मिलकर करते हैं हमें पुनः विश्व गुरु बनने हेतु हमारे गांवों को आत्मनिर्भर बनाना पड़ेगा,लघु कुटीर उद्योग के साथ हमारी संस्कृति,सभ्यता, परंपराओं को भी सहेजना पड़ेगा हमारी प्राचीन शिक्षा पद्धति,योग,आयुर्वेद की ओर लौटना होगा साथ ही हमें स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेना होगायह बात स्वदेशी सप्ताह के समापन अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह संयोजक दिलीप सिंह चौहान ने धार जिले के बदनावर में आयोजित कार्यक्रम में कहीं प्रांत संघर्ष वाहिनी प्रमुख दशरथ डाबिया ने संगठनात्मक जानकारी देते हुए बताया कि 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक यह स्वदेशी सप्ताह मनाया जाता है इसके अंतर्गत जिलों में स्वदेशी विदेशी की सूची का वितरण संगोष्ठी स्कूल कॉलेजों में व्याख्यान सहित कई जन जागरण के कार्य किए गए इस अवसर पर बदनावर की तहसील कार्यकारिणी का गठन भी किया गया इस अवसर पर कई स्वदेशी बंधुओं गणमान्य जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला संयोजक पंडित श्रवण गौर ने किया एवं आभार तहसील संयोजक नटवर सिंह चौहान ने माना।